ladies’s World Boxing Championship 2018: Mary Kom storms into final, eyes extraordinary 6th gold medal

With this victory within the semi-final of the AIBA females’s World Boxing Championships 2018, Mary Kom has kept her dream of successful an unheard of 6th world championship gold medal alive. Mary Kom is currently tied with Katie Taylor of ireland on 5 gold on this planet Championships.

India’s boxing ace MC Mary Kom has stormed into the final of the 48 kg category of the AIBA World ladies’s Boxing Championship, after beating North Korea’s Kim Hyang-Mi with a tactically high-quality performance in the semi-final.

Outdone by her opponent’s reach and larger physical presence, the experienced boxer confirmed first-class dexterity as she moved quickly on her feet and refrained from a flurry of punches from her opponent to hold scoring features. Her wise display was in full view within the 2nd round as she used both her hands to excellent outcomes to land crucial punches on her opponent.

With this victory, Mary Kom has kept her dream of successful an exceptional sixth world championship gold medal alive. Mary Kom is presently tied with Katie Taylor of eire on 5 gold in the world Championships. The 35-year-old Manipuri, a mom of three, won a silver within the first version after which went on to win 5 gold in successive World Championships from 2002 to 2010.

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She additionally gained a bronze medal at the 2012 London Olympics when ladies’s boxing made its debut at the sporting extravaganza.

Cheered on by a partisan crowd on the KD Jadhav Stadium in New Delhi, Mary Kom was at her average quality as she displayed nice technical acumen to outdo her opponent.

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गृह मंत्री भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 57वीं स्थापना दिवस परेड में शामिल हुए

केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह आज ग्रेटर नोएडा के सुरजपुर में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 39वीं बटालियन के लखनवाली शिवर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 57वीं स्थापना दिवस परेड में शामिल हुए। इस अवसर पर आईटीबीपी के महानिदेशक श्री आर. के. पचनंदा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री राजनाथ सिंह ने परेड की सलामी ली और स्थापना दिवस परेड का निरीक्षण किया। परेड़ में महिला दस्ता, कमांडो, स्कीइंग, पर्वतारोही दस्ता, नक्सल रोधी कार्रवाई दस्ता, पैराट्रुपर, अश्वारोही कॉलम तथा विभिन्न दस्तों ने भाग लिया। परेड में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों विभिन्न करतब दिखाये।
गृहमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आईटीबीपी के जवानों ने 9 हजार फीट से 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कठिन परिस्थितियों में सीमा की रक्षा करने में सर्वोच्च बलिदान दिये हैं। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी न केवल भारत-चीन सीमा की रक्षा करती है बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में भी दायित्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह भारत-चीन सीमा की चौकियों पर गये हैं और देखा है कि आईटीबीपी के जवान -45 डिग्री सेल्सियस कम तापमान और आक्सीजन के अभाव में कर्तव्य निभाते हैं। इसीलिए उन्हें हिमालय पुत्र या हिमवीरकी संज्ञा दी जाती है।
गृहमंत्री ने कहा कि सीमा चौकियों की उनकी यात्रा के बाद जवानों को सीमा चौकियों पर बेहतर ढ़ांचागत सुविधाएं देने का निर्णय किया गया। आईटीबीपी को उच्च शक्ति की एसयूवी, सभी इलाकों में काम आने वाले वाहन, स्नो स्कूटर आदि प्रदान किये गये और इससे संचालन क्षमता में सुधार हुआ है। इस अवसर पर 1 उत्तम जीवन रक्षा पदक, 5 विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का 5 पुलिस पदक, उल्लेखनीय सराहनीय सेवा के लिए 23 पुलिस पदक और 1 जीवन रक्षक पदक प्रदान किये गये।

गृहमंत्री ने ग्रेटर नोएडा में 200 बिस्तर वाले केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल के रेफरल अस्पताल का भी उद्घाटन किया। यह अस्पताल 121 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।

सरकार कर रही बैंकों का सामान्यीकरण: श्री राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में सहकारी बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह बात उन्होंने आज लखनऊ में उत्तर रेलवे बहुराज्य प्राइमरी सहकारी बैंक की 100वीं जयंती से जुड़े समारोह के अवसर पर कही। बैंकों के सामान्यीकरण को लेकर सरकार द्वारा की गई पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बैंकों के सामान्यीकरण की दिशा में विशेष उपलब्धि अर्जित की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक बैंकों का राष्ट्रीयकरण तो किया गया, लेकिन उसका फायदा आम जनता को नहीं मिल पा रहा था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में बैंकों का सामान्यीकरण कर इसी कमी को पूरा करने की कोशिश की जा रही है। सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन धन खाता योजना के तहत आम लोगों का बैंक खाता खुलवाना बैंकों के सामान्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  
     गृह मंत्री ने कहा कि गरीब आदमी को अब छोटी उधारियों के लिए साहूकारों के सामने हाथ नहीं फैलाना होगा। अगर किसी का जन धन खाता है और वह उसमें कम राशि भी जमा कर रहा है, तो जरूरत पड़ने पर वह बैंक से 10 हजार रुपये तक का ओवरड्राफ्ट ले सकता है। गृह मंत्री ने कहा कि जो लोग बैंकों से उधार लेकर विदेश भाग जाते हैं, उनसे धन वसूली के लिए सरकार ने एक अध्यादेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई के साथ किसी को खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जमा और निकासी करने से अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

      उन्होंने कहा कि उत्तर रेलवे बहुराज्य प्राइमरी सहकारी बैंक देश का संभवतः सबसे पुराना सहकारी बैंक है। गृह मंत्री ने रेल को देश की जीवन रेखा बताते हुए कहा कि वह कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के निपटान में हरसंभव मदद करेंगे। इस मौके पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री बृजेश पाठक और महापौर श्रीमती सन्युक्ता भाटिया सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि कौशल भारत सशक्त भारत के तहत देश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। लखनऊ में रोजगार मेले का उद्घाटन करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि देश के 450 केन्द्रों पर इस प्रकार के रोजगार मेले लगाए गए हैं। उन्होने कहा कि आज लखनऊ में रोजगार मेले के तहत 8 हजार से भी ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया जाएगा जो एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री के विजन की प्रशंसा करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि युवा शक्ति का इस्तेमाल देश के विकास में करने के लिए उन्होने कौशल विकास, स्टार्ट अप और स्टैंड अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की। उन्होने कहा कि युवाओं को कुशल बनाकर उन्हें रोजगार देने की इस प्रक्रिया में निजी क्षेत्र से महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।
उन्होने कहा कि सभी को सरकारी नौकरी संभव नहीं है लेकिन उनकी प्रतिभा का विकास कर उन्हें रोजगार देना संभव है। गृहमंत्री ने कहा कि देश में मानव संसाधन की कमी नहीं है। देश की कुल आबादी का 62 फीसद उन लोगों का है जिनकी आयु 25 वर्ष या उससे कम है।
उन्होने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्था वाला देश है। इसमें सभी का योगदान है। युवाओं का योगदान खासतौर पर है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2022 तक सभी को मकान देने की बात कही है। रोजी रोटी और मकान लोगों की बुनियादी जरूरत है जिसे सरकार पूरा करेगी। उत्तर प्रदेश की चर्चा करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि यहां रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शुरू एक जनपद एक उत्पाद योजना के बेहतर नतीजे सामने आए हैं। श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कौशल विकास के जरिये जब लोगों को रोजगार मिलेगा तब उनका पलायन रुकेगा। उन्होने कहा कि सरकार मुद्रा योजना के तहत 10 लाख तक का कर्ज बगैर किसी जमानत के देती है। देश में साढ़े छह करोड़ लोगों को इस योजना का पहली बार फायदा हुआ है।
गृहमंत्री ने इस अवसर पर कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित युवाओं को सिलाई मशीन जैसे उपकरण दिए। उन्होने रोजगार मेले में सफल पाये गए युवाओं को रोजगार पत्र भी दिया।